Saturday, 16 December 2017


// सोनिया जी और राहुल के आत्मीय भाषण .. बहुत बधाइयाँ और शुभकामनाएं !! ..//


निवृत होते हुए विदाई लेते अभी-अभी आदरणीय सोनिया गांधी जी का ओजस्वी सारगर्भित भावनात्मक आत्मीय भाषण सुना ..
और मैं नतमस्तक हुआ .. अनेक साधुवाद बधाइयाँ और शुभकामनाएं !! ..

और उसके बाद नव नियुक्त राहुल गांधी को भी सुना .. 
राहुल के भाषण की कुछ सुकून भरी आशान्वित करतीं परिपक्व बातें .. ..

लगातार आतिशबाजी के कारण आ रही अनवरत आवाज़ों के बीच राहुल की चुटीली सारगर्भित टिपण्णी दिल को छू गई - " एक बार आग लग जाए - तो उसे बुझाना बहुत मुश्किल होता है " ..
देश में प्यार और भाईचारा आवश्यक - वो तोड़ते हैं हम जोड़ते हैं - एक ऐसा भारत बनाना है जिसमें हर किसी के लिए जगह हो ..
और उन्होंने मौजूदा केंद्र सरकार को संयमित रहते पूरी ईमानदारी और हिम्मत से धिक्कारा भी !! ..

और बखूबी धिक्कारा !! .. और दो टूक कहा कि - " बीजेपी हिंसा की राजनीति कर रही है - मूल्यों को कुचला जा रहा है " .. .. 

और मैं संतुष्ट और प्रसन्न हुआ !! .. राहुल को भी दिल से शुभकामनाएं !!

ब्रह्म प्रकाश दुआ
'मेरे दिमाग की बातें - दिल से':- https://www.facebook.com/bpdua2016/?ref=hl

// एक डेढ़ सयाना .. और हमारा चुनाव आयोग .. ..//


एक डेढ़ सयाना था !! ..
नया महंगा हेलमेट डिक्की में रख स्कूटर चलाता था ..
कारण ? .. यदि हेलमेट डैमेज हो गया तो ?? ..

तो फिर हेलमेट लेकर ही क्यों चलते हो ?? ..
" सुरक्षा का एहसास " !! .. ..

बस !! .. जब से सयाने चुनाव आयोग ने गुजरात चुनाव में VVPAT के मजबूरन इस्तेमाल कर लेने के बावजूद इसके निहित सदुपयोग ना करने की बात कही है - तब से ही रह-रह कर मुझे वो डेढ़ सयाना याद आ रहा है .. मुझे भी एहसास हो रहा है कि सयाने चुनाव आयोग ने भी VVPAT का मजबूरन इस्तेमाल मात्र "सुरक्षा का अहसास" दिलाने और डैमेज कण्ट्रोल के लिए ही तो किया है !! .. यकीनन स्पष्तः खुल्लमखुल्ला !! .. .. 

उफ्फ्फ्फ़ !! ..
सयाने लोग .. पगलाई शानी हरकतें !! ..
या फिर ..
बेशर्म लोग .. ठेठ टुच्ची हरकतें !! ..
निर्णय देश करे - 'देश का बाप' नहीं !! .. .. !! जय हिन्द !!

ब्रह्म प्रकाश दुआ
'मेरे दिमाग की बातें - दिल से':- https://www.facebook.com/bpdua2016/?ref=hl

Friday, 15 December 2017

// एक एग्जिट पोल मेरा भी .. जन-मत के आधार पर भक्तों की संख्या .. ..//


जन-मत !! .. ..
'पत्रिका' के आज १५/१२/१७ के इंदौर संस्करण में एक सर्वे प्रकाशित हुआ है .. जिसके आधार पर मेरे द्वारा निकाले गए निष्कर्ष मैं आपको बताऊँ उसके पहले कृपया मुआयना करें सर्वे में पूछे गए सभी १४ प्रश्नों का और उनके जवाबों के प्रतिशत का .. ..

१. प्रदेश में धार्मिक सहिष्णुता-सदभाव की स्थिति अच्छी हुई है ? .. ३१% 'हाँ' ..
२. प्रदेश में रोज़गार की स्थिति कैसी है ? .. २३% 'अच्छी' ..
३. क्या किसानों को उपज का उचित दाम मिल रहा है ? .. २०% 'हाँ' ..
४. क्या प्रदेश सरकार महंगाई से राहत दिलाने में सफल रही है ? .. २०% 'हाँ' ..
५. क्या आपके क्षेत्र में परिवहन के पर्याप्त साधन हैं ? .. २९% 'हाँ' ..
६. आपकी नज़र में  प्रदेश में सरकारी अस्पतालों की स्थिति कैसी है ? .. २४% 'अच्छी' ..
७. सड़कों की वाशिंगटन से तुलना से आप कितने सहमत हैं ? .. २८% 'हाँ' ..
८. आपकी नज़र में सरकार के मंत्रियों का कामकाज कैसा है ? .. २१% 'अच्छा' ..
९. प्रदेश में शिक्षा की स्थिति कैसी है ? .. ३३% 'अच्छी' ..
१०.आपकी नज़र में प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति कैसी है ? .. २१% 'अच्छी' ..
११.क्या आपको लगता है कि अपराध में कमी आई है ? .. १९% 'हाँ' ..
१२.प्रदेश में क्या भ्रष्टाचार कम हुआ है ? .. १८% 'हाँ' ..
१३.आपकी नज़र में आपके क्षेत्र के विधायक का कामकाज कैसा है ? .. २१% 'अच्छा' ..
१४.सरकार के कार्यकाल में सरकारी कामकाज की गति तेज हुई है ? .. ३१% 'हाँ' .. 

एवं उपरोक्त प्रश्नों पर जन-मत के आधार पर मेरा निष्कर्ष .. ..

देश में मूर्ख अतार्किक अंधे भक्त काफी संख्या में मौजूद हैं 
पर संतोष की बात ये भी है कि देश में ऐसे भक्तों की संख्या लगभग २०% और ३०% के बीच ही है .. जिनमें मंदबुद्धि और अंधभक्तों की संख्या भी शामिल लगती है .. ..

इसलिए ये जन-मत एक नई आशा संचारित करता है - क्योंकि लगभग ७०% से ८०% लोग अभी भी कुछ तार्किक सोच रखते हैं .. .. इसलिए मैं भक्तों और भक्ति मार्ग पर चलने चलाने वाली संस्कारी पार्टी के साथ पूरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए देश को बधाई और शुभकामनाएं देता हूँ .. ..

और हाँ ये निष्कर्ष तो मध्यप्रदेश के इंदौर के जन-मत पर आधारित है .. अब गुजरात में ऐसे ही कितने भक्त हैं - ये तो १८ तारीख के बाद ही बताया जाना संभव होगा जब गुजरात चुनाव के नतीजे आ जाएंगे .. .. तब तक तो आप इसे भक्तों की संख्या का एग्जिट पोल ही मानें .. धन्यवाद !!

ब्रह्म प्रकाश दुआ
'मेरे दिमाग की बातें - दिल से':- https://www.facebook.com/bpdua2016/?ref=hl

Thursday, 14 December 2017

// एग्जिट पोल के नतीजे .. और भविष्य की राजनीति ..//


अभी-अभी गोदी मीडिया द्वारा एग्जिट पोल के नतीजे बताए गए हैं .. जो अनुमानों के अनुरूप तो हो सकते हैं पर मेरे लिए सुखद नहीं हैं .. और सुखद इसलिए नहीं हैं क्योंकि मैं मेरे देश से केवल प्यार ही नहीं करता बल्कि इस देश के लिए चिंतित भी रहता हूँ .. और परिणाम मुझे देशहित के खिलाफ जाते दिख रहे हैं .. ..

हिमाचल के एग्जिट पोल नतीजे देख कर पहले तो ये भी लगा कि - ओह ! हिमाचल में भी चुनाव हुए थे !! .. और वहां वीरभद्र हार रहे हैं और धूमल जीत रहे हैं .. और मुझे वीरभद्र के हारने की उतनी ही ख़ुशी हुई जितनी धूमल के जीतने का दुःख .. और शायद यही कारण था कि हिमाचल चुनाव में एक तरफ गड्ढा और एक तरफ खाई होने के कारण देशहित में कुछ अपेक्षित ना हो मेरी दिलचस्पी ही नहीं थी .. और शायद देश की भी उतनी नहीं .. ..

पर गुजरात में दिलचस्पी थी .. और वो भी कांग्रेस को लेकर इतनी नहीं जितनी इस बात को लेकर थी कि यहां मोदी-शाह की हार आवश्यक रूप से होनी चाहिए - अन्यथा पूरे देश के लिए अहितकारी होगा .. ..

और क्योंकि मुझे मेरे दिल दिमाग पर पूरा भरोसा रहा है - इसलिए भाजपा की गुजरात में संभावित जीत से मैं दुखी हूँ .. पर यकीनन मुझे कुछ बातों का संतोष भी है .. ..

मुझे संतोष इस बात का है कि इस बार गुजरात में राहुल गांधी एक ताज़ी और ईमानदार सोच के साथ मैदान में उतरे और उन्होंने बहुत अच्छा प्रचार कर प्रभावित भी किया .. और मुझे लगा कि वंशवाद के तथ्य के अलावा उन पर कोई नकारात्मक बात चिपक नहीं पाई .. और वो भविष्य में भाजपा से स्वस्थ और बेहतर राजनीति करते दिख सकते हैं - जो देशहित में होगा .. ..

और एक बात और निकल कर सामने आ रही है कि जनता भाजपा और कांग्रेस को नकारना चाहती है - पर उसके सामने अभी कोई विकल्प ही नहीं था .. ..

और इसलिए मैं भविष्य में एक बेहतर विकल्प उभरने की पूरी संभावनाएं देखता हूँ .. और मुझे लगता है कि "आप" पार्टी का भविष्य बहुत अच्छा हो सकता है .. और अरविन्द केजरीवाल से बहुत उम्मीदें अभी बाकी हैं .. .. !! जय हिन्द !!

ब्रह्म प्रकाश दुआ
'मेरे दिमाग की बातें - दिल से':- https://www.facebook.com/bpdua2016/?ref=hl