Friday, 18 August 2017

// जो रोजगार ना मिलने की बात करे - वो बेरोजगार हुआ दलाल .. तो अंधभक्त कौन? ..//


जो भाजपा का विरोध करे - वो देशद्रोही ..
जो मुसलमान को भाई माने - वो पाकिस्तानी ..
जो नोटबंदी का विरोध करे - वो कालाधनी ..
जो जीएसटी का विरोध करे - वो चोर व्यापारी ..
जो धर्मनिरपेक्षता की बात करे - वो ढोंगी ..
जो केजरीवाल की बात करे - वो नक्सली ..
आदि आदि .. !!

पर अब तो कुछ नई नई बातें भी मार्किट में आई है ..

जो दोगले नितीश की बुराई करे - वो भ्रष्टाचारी .. ..
जो बेचारे मोदी की बुराई करे - वो अत्याचारी .. ..

पर इसी सिरीज़ में लेटेस्ट तो गजब है भाई .. और कल ही सीधे मोदी के मुखद्वार से आया है भाई .. ..

" जो रोजगार ना मिलने की बात करे - वो बेरोजगार हुआ दलाल " .. ..

इसलिए ही तो कहता हूँ मित्रों कि .. जो भक्त अब तक भी मोदी का बखान करे - वो अंधभक्त है भाई .. अब इसमें तो कोई शक़ कि गुंजाइश नहीं बचती है ना !! .. ..

ब्रह्म प्रकाश दुआ
'मेरे दिमाग की बातें - दिल से':- https://www.facebook.com/bpdua2016/?ref=hl

Thursday, 17 August 2017

// आजतक के प्रायोजित मनगढ़ंत भक्तगढ़ंत सर्वे के बहाने - विरोध और बुलंद हो .. ..//


आजतक पर अभी-अभी एक प्रायोजित सर्वे दिखाया गया है .. जिसके अनुसार यदि आज लोकसभा चुनाव हो जाते हैं तो भाजपा को २०१४ की २८२ के मुकाबले और अधिक २९८ सीटें मिलेंगी .. और मोदी और भाजपा की रहेगी बल्ले-बल्ले .. ..

मेरी प्रतिक्रिया .. ..

अव्वल तो यदि आज चुनाव हो जाते हैं तो इससे बेहतर और क्या बात हो सकती है .. क्योंकि जो देश की दुर्दशा हो रही है उसके कारण तो आज चुनाव होने ही चाहिए .. ..

और मुख्य बात ये है कि जिन्हें उपरोक्त सर्वे के आंकड़े सही ना लगते हों या पसंद ना आए हों उनके द्वारा इस प्रायोजित सर्वे को केवल नकारने से काम नहीं चलेगा .. उनका चुप रहना या विरोध की आवाज़ बुलंद नहीं करना भारी पड़ सकता है .. ..

अतः मेरा सुझाव ये है कि प्रायोजित मनगढ़ंत भक्तगढ़ंत सर्वे के सही होने की कल्पना करते हुए इस सर्वे को झुठलाने के प्रयास करना ही बेहतर होगा .. ..

और मुझे पूरा यकीन है कि अब तो बेहतर ही होगा .. और यकीन इसलिए है कि मुझे विरोध की बुलंद आवाज़ें सुनाई देने लगी हैं .. और उससे भी महत्वपूर्ण यह कि जनता में से भी व्यापक विरोध के स्वर सुनाई दे रहे हैं .. .. !! जय हिन्द !!

ब्रह्म प्रकाश दुआ
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// "न्यू इंडिया" .. या .. "न्यू प्राइम मिनिस्टर" ....//


मोदी कह रहे हैं .."न्यू इंडिया" .. ..
तीन साल की नाकामयाबी और निराशा के बावजूद इतनी बड़ी खोखली बात ??

तो मेरी छोटी सी ठोस प्रतिक्रिया .. ..

जब तक "न्यू प्राइम मिनिस्टर" नहीं आता - "न्यू इंडिया" संभव ही नहीं !!

ब्रह्म प्रकाश दुआ
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Wednesday, 16 August 2017

// भक्त लातों के भूत थोड़े ही हैं जो लातें खा मान जाएंगे - ये तो खुद लातें मार रहे हैं ..//


मोदी ने कल १५ अगस्त को ही तो लम्बी-लम्बी फेंकी थी .. और कहा था "आस्था के नाम पर हिंसा को बल नहीं दिया जा सकता है" .. .. और आज फिर उनके गुजरात में गाय के नाम पर दो दलितों की पिटाई की खबर आ रही है .. ..

और इस बीच स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भी साम्प्रदायिकता की सड़ाँघ लिए मदरसे झंडावंदन वन्दे-मातरम राष्ट्रप्रेम आदि से जुड़ी शर्मसार कर देने वाली खबरें भी आती रहीं - और भाजपाइयों की गोरखपुर से गोरखधंधे की खबरे भी समझ में आती रहीं .. .. 

बस इसलिए ही मैं अब यकीन के साथ कहता हूँ कि लातों के भूत बातों से नहीं मानते - और मोदी के भक्त भी बातों से नहीं मानते .. ..

पर इसका ये मतलब नहीं कि मोदी के भक्त लातों के भूत हो गए .. कदापि नहीं .. क्योंकि लगता तो नहीं कि ये लात खा कर भी मान जाएंगे .. .. क्योंकि मुझे तो ये बेशर्म ज्यादा लगते हैं जो भक्ति में इतने लीन हो चुके हैं कि सही को सही और गलत को गलत समझने और कहने की योग्यता खो बैठे हैं .. ..

और अब तो हालात ये हैं कि - है कोई माई का लाल जो इन भक्तों को लात मार दे ?? - बल्कि उल्टे अब तो ये भक्त ही तो हैं जो इतने गर्राए हुए हैं कि अपने ही देशवासियों को लात मार रहे हैं .. ..

और इसलिए मेरे मतानुसार अब तो मुझे एक ही तात्कालिक उपाय सूझ पड़ता है .. मोदी सरकार को जाना होगा .. और भक्तों को लातों और बातों दोनों का मतलब समझना होगा .. ..

एक बार फिर प्रधानसेवक मोदी जी को धिक्कार के साथ .. !! जय हिन्द !!

ब्रह्म प्रकाश दुआ
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// दोगलों लल्लुओं भक्तों की तो लॉटरी लग गई .. छपरा फाड़ के मिल रहा बिहार में ....//


अभी-अभी समाचार आया है कि भारत के भाजपाई प्रधानसेवक दोगले के आधिपत्य वाले बिहार के लिए पूर्व में घोषित पर वर्तमान तक रुका हुआ रोका हुआ १.२५ लाख करोड़ रूपए का स्पेशल पैकेज देने वाले हैं .. ..

और विदित ही है कि बिहार में ताज़ा उलटफेर करा उपमुख्यमंत्री बने भाजपाई सुशील मोदी ने एन-केन-प्रकारेण वित्त मंत्री का मलाईदार पद बड़ी चालाकी और चतुराई से झटक लिया था .. या सटीक कहें तो हथिया के रख लिया था .. ..

तो अब किसी की क्या मजाल कि बिहार की हथियाई जा चुकी तिजोरी पर हाथ डाल दे .. और सरकारी पैसा इधर उधर हो जाए .. .. क्योंकि अब तो सरकारी तिजोरी में करोड़ों आएँगे और फूल चढ़ेंगे - और पैसा इधर आने का क्या काम - पैसा तो उधर ही जाएगा .. ..

लालू के दुश्मन दोगले के लल्लुओं - और भक्तों - तुम्हारी तो लॉटरी लग गई यार !! ..
छपरा फाड़ के मिल रहा !! .. है ना !! .. ..

बधाई हो - और धिक्कार भी !! .. क्योंकि तुम्हें अभी तक ये एहसास नहीं हुआ है कि बिहार में छपरा फाड़ के टपक रहा और टपकाया जा रहा पैसा तुम्हारा ही था / है रे !! .. .. बुद्धू कहीं के .. डूब मरो बिहार की बाढ़ में .. बहुत लपक के आई हुई है रे !! .. ..

ब्रह्म प्रकाश दुआ
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// आओ भक्तों !! केजरी को कोसें - कि वो मोदी से कहीं बेहतर काम क्यों कर रहे हैं ..//


मोदी और केजरी के काम और जिम्मेदारियां अलग-अलग हैं .. ..

जो मोदी के काम से संतुष्ट हैं उन्हें मस्त रहना चाहिए और निश्चिन्त भी .. ..

पर जो केजरी के काम से संतुष्ट हैं उन्हें मोदी को धिक्कारते रहना चाहिए क्योंकि मोदी केजरी से वैमनस्य पालते हुए उसे काम ही नहीं करने देते .. ..

इसी तरह जो मोदी के काम से संतुष्ट नहीं हैं उन्हें मोदी की निंदा और विरोध करना चाहिए - और केजरीवाल का समर्थन भी .. क्योंकि केजरीवाल ही मोदी के सक्षम विरोधी दिखते हैं .. ..

पर जो केजरी के काम से संतुष्ट नहीं हैं उन्हें निर्णय दिल्लीवासियों पर छोड़ देना चाहिए .. ..

यानि बात कुछ यूँ तर्क लेती है कि - जो दिल्लीवासी नहीं हैं - उन्हें या तो मस्त और निश्चिन्त रहना चाहिए .. या उन्हें  मोदी को धिक्कारते रहना चाहिए - या मोदी की निंदा और विरोध करना चाहिए - और केजरीवाल का समर्थन भी .. ..

पर भक्त जब देखो तब केजरी को ही हर बात के लिए गालियां देते हैं - फालतू चिंतित होते हैं - कुढ़ते हैं सड़ते हैं कलपते हैं - व्यर्थ बहस करते हैं रोते-गाते हैं .. और इतना हलाकान हुए जाते हैं जैसे कि मोदी के रहते हुए भी ना मालुम इस देश का क्या हश्र हो जाएगा - और ये केजरी मोदी को ले डूबेगा .. .. वैसे कम अक्ल होते हुए भी शायद सही ही सोचते होंगे .. या फिर किसी के इशारे पर ऐसा करते होंगे .. ..

यानि तय हुआ कि - जब तक मोदी निराश करते रहेंगे भक्त केजरी को कोसते रहेंगे .. .. 

और इसलिए भक्तों को आज पहली बार सादर निमंत्रण .. आओ केजरी को कोसें कि वो मोदी से कहीं बेहतर काम क्यों कर रहे हैं .. ..

और तो और यदि आप कल १५ अगस्त के मोदी और केजरीवाल दोनों के पूरे भाषण भी सुन लेंगे तो आप भी समझ जाएंगे कि ये भक्त केजरी को क्यूँ कोसते हैं - क्योंकि कल तो केजरी ने मोदी को भाषण देने में भी मात दे दी .. इसलिए आज तो कोसना ही पड़ेगा कि केजरी मोदी और अन्य सभी भ्रष्ट नेताओं का जीना हराम कर के छोड़ेंगे .. .. !! जय हिन्द !!

ब्रह्म प्रकाश दुआ
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Tuesday, 15 August 2017

// कभी आना मेरी गली .. हम गुल खिला देंगे .. ..//


बस 'गाली' 'गोली' और 'गले' तक की तुकबंदी ??..??.. .. 

तो बस यूँ ही - तुकबंदी ही सही .. हुण साड्डी 'गल' सुनो .. ..

/.. कभी आना मेरी 'गली' .. गुस्से से 'गाल' 'गला' 'गाली' देंगे ..
अरे 'गेले' 'गिल्ली' को मार 'गोली' - हम 'गुल' खिला देंगे .. ../

'गिलगिलों' को 'गुल'-'गुल्ले' के साथ प्रेषित .. 'गीली' हो जाय तो 'गिला' ना करना - भले ही 'गोली' खा लेना .. ..

ब्रह्म प्रकाश दुआ
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