Friday, 20 October 2017

// विकल्प ?? .. जी हाँ !! .. "मोदी विकल्प" के बारे में बात जारी रखें .. ..//


हर व्यक्ति को जीवनयापन के दौरान बहुत सुख दुःख पेश आते ही हैं - ज़िन्दगी इसी का नाम है .. और अपने भारत देश में तो सुख-दुःख इफरात में आते जाते हैं - क्योंकि ये देश विविधताओं का देश है और यहां हर पल कुछ न कुछ घटता ही रहता है .. बल्कि शुद्ध सत्य बात तो यह है कि कुछ ज्यादा ही घटता रहता है .. और ज्यादातर लोगों को दुःख ज्यादा पेश आते हैं और कमतर लोगो को ही सुख ज्यादा पेश आते हैं .. ..

पर ईमानदारी से सोचियेगा कि क्या विषम से विषम परिस्थितियों में भी आपके या हमारे या अन्य किसी के भी दिमाग में इस देश को छोड़ देने का विकल्प आया ?? .. क्या देश छोड़ा बदला नहीं जा सकता ?? .. क्या लोग देश छोड़ते बदलते नहीं ?? .. ..

और मेरा दावा है कि माल्या लमो जैसे उच्च टुच्चों के अपवाद को छोड़कर किसी के भी दिमाग में देश को छोड़ देने का विकल्प नहीं आया होगा !! .. नहीं ना ?? .. क्यों ?? .. .. क्योंकि ऐसे विकल्प की दूर दूर तक आवश्यकता नहीं है - और कोई विकल्प बेहतर हो इस बात की कोई गारंटी भी नहीं है .. ..

पर आजकत देश के प्रधानमंत्री मोदी के विकल्प की बातें चल पड़ी हैं और हवा में तैर सी रही हैं - जिसको देखो वो "मोदी विकल्प" की बातें करने लगा है - और बड़ी संजीदगी से करने लगा है - और सार्वजानिक रूप से करने लगा है .. और अखबार तो आजकल ऐसे ही लेखों से पटने से लगे हैं .. ..

एक तरफ मोदी विरोधी मोदी को हटाने और नए विकल्प की खोज और आवश्यकता की दुहाई देने लगे हैं - तो दूसरी तरफ मोदी भक्त कहने लगे हैं कि मोदी का तो कोई विकल्प है ही नहीं .. कोई हो तो नाम बताओ ?? .. ..

और उपरोक्त तथ्य के परिप्रेक्ष्य में मैं अब यह साफ़ देख पा रहा हूँ कि इस देश के नागरिकों को देश नहीं बदलना है - केवल इस देश का प्रधानमंत्री बदलना है .. और इसलिए इस देश का प्रधानमंत्री अब बदला ही जाएगा .. शर्तिया !! .. और "मोदी विकल्प" अपने आप अस्तित्व में आ जाएगा .. अवश्यम्भावी !! ..
..

तो मित्रों !! .. बस आवश्यकता केवल इस बात की है - कि संकल्प लें और "मोदी विकल्प" के बारे में बात जारी रखें - क्योंकि मोदी को हटाने के अलावा कोई अन्य विकल्प भी नहीं - और मोदी को हटाने के तरीके के लिए इसके अलावा कोई बेहतर संयमी विकल्प भी नहीं !! .. ..

और मेरे प्यारे भक्तु और भक्तों !! .. तुम भी चिल्लाते रहो कि मोदी का कोई विकल्प नहीं - क्योंकि अब तो तुम्हारे पास भी कुछ अन्य कहने करने का कोई उद्दंडी विकल्प नहीं .. समझे ?? .. ..

नए संकल्प के साथ - नववर्ष की शुभकामनाएं !! .. ..

ब्रह्म प्रकाश दुआ
'मेरे दिमाग की बातें - दिल से':- https://www.facebook.com/bpdua2016/?ref=hl

Thursday, 19 October 2017

// 'परोपकारी' हत्याओं के भयावह चलन के बीच - दीपावली की शुभकामनाएं !! .. ..//


आजकल मुझे लगता है हत्याएं बहुत बढ़ गई हैं .. हत्याएं तो पहले भी होती थीं पर शायद इतनी नहीं - और जो होती थीं तो वो व्यक्तिगत कारणों से ज्यादा .. मसलन जमीन जायदाद के झगड़ों में - छेड़ा-छाड़ी के मामलों में - आपसी रंजिश में - और धन की लूट के चक्कर में .. ..

पर अब देखते-देखते राजनीतिक हत्याएं भी बढ़ गई हैं और धार्मिक उन्माद के कारण और विचारधारा के टकराव के कारण भी हत्याएं बढ़ गई हैं .. यानि हत्याएं अब व्यक्तिगत कारणों से ऊपर निकल सामाजिक सरोकारों के इरादे से ज्यादा होने लगी हैं .. हत्याएं भी अब 'परोपकारी' सी होने लगी हैं !! .. ..

और ऐसी परिस्थितियों और मानसिकता पर अंकुश रहे - शायद धर्म इसलिए ही गढ़ा बनाया गया होगा .. और ये साधू संत महात्मा मौलवियों का शायद काम ही यही था कि वो समाज को सहिष्णुता और इंसानियत का पाठ पढ़ाएं .. और बताएँ कि हत्या करना पाप होता है .. ..

पर विडंबना देखिये कि पूरे समाज में इंसानियत अहिंसा सहिष्णुता की बात करने वाले विलुप्त से हो गए हैं - और ये साधू संत महात्मा मौलवी भी तो धर्म के नाम पर मरने मारने कटने काटने युद्ध करने जैसी बातें करने लगे हैं .. और तो और ये लोग दिन भर धार्मिक ग्रंथों कथाओं कहानियों इतिहास के हवाले से लड़ाई झगड़ों के उद्धरण दे युद्ध युद्ध और युद्ध की ही तो बातें करते रहते हैं .. जैसे युद्ध ना हुआ कोई धार्मिक अनुष्ठान हो गया .. ..

और बड़े ताज्जुब की बात है कि आजकल तो भीड़ बन अपनी मनमानी करने वाले धर्म-रक्षक संस्कृति-रक्षक भी नारे भगवान् के नाम के ही लगाते हैं - मसलन समुद्र किनारे किसी कलाकार द्वारा ४८ घंटे लगातार मेहनत कर 'पद्मावती' की विशाल रंगोली को कोई १०० लोगों की भीड़ 'जय श्री राम' के नारे लगाते हुए आती है और आकर मिटा देती है .. और किसी राम भक्त के माथे पर शिकन नहीं आती .. किसी को ध्यान भी नहीं आता की प्रभु श्री राम तो मर्यादा पुरषोत्तम थे - और ऐसी गुंडागर्दी तो मर्यादित हो नहीं सकती !! .. ..

और तो और जो धर्मनिरपेक्षता या शान्ति की बात करे तो वो तो उल्लू या विभीषण या दोगला या नपुंसक या राष्टद्रोही करार दे दिया जाने लगा है .. ..

और इसलिए आज मैं सावधान करना चाहता हूँ - बहुत निकट भविष्य में ये हत्याओं की संख्या असंख्य भी हो सकती है .. क्योंकि हत्याओं को 'परोपकार' का जामा पहनाया जा चुका है - यानि खुद के लिए नहीं बल्कि किसी और को उपकृत करने के लिए .. और हमारे देश की अधिकतर जनता 'परोपकारी' ही है !! .. वो हत्याएं व्यक्तिगत टुच्चे कारणों से नहीं करेगी अपितु समाज के हित में निःस्वार्थ किसी अन्य की भलाई के लिए करेगी .. ठीक वैसे ही जैसे कि सीमा पर एक सैनिक दूसरे देश के सैनिक की हत्या कर वीर हो जाता है - आत्मग्लानिमुक्त !! .. ..

बीते वर्ष जिन परिवारों में हत्याएं हुई हैं मेरा ध्यान आज उन परिवारों की स्थितियों पर भटका सा जा रहा है - और मैं सोच रहा हूँ कि उनकी दीपावली कैसी मन रही होगी .. पर इस आशा के साथ कि काश कुछ ऐसा हो जाए कि इस देश की अगली दीपावली हत्या रहित हो .. ..

इस दीपावली की आपको शुभकामनाएँ !!

ब्रह्म प्रकाश दुआ
'मेरे दिमाग की बातें - दिल से':- https://www.facebook.com/bpdua2016/?ref=hl

Wednesday, 18 October 2017

// जीएसटी लागू करने में कांग्रेस भी बराबर की भागीदार !! .. हा !! हा !! हा !! ..//


अब तो मोदी जी ने जन्म-पत्री पर लात मार दी .. और अब तक मैं मैं मैं - मैंने किया मैंने किया - मैं करूंगा मैं करूंगा - कांग्रेस ने कुछ नहीं किया - सब कुछ मैंने किया - ६० साल में कुछ नहीं हुआ - जो हुआ पिछले ३ साल में मेरे कारण हुआ - सरदार सरोवर बाँध का असली काम किसने किया ?? मैंने किया - आदि अनादि सड़ादी जैसा जाप करने वाले मोदी जी ने अब कहा कि ..

" जीएसटी लागू करने के फैसले में कांग्रेस भी बराबर की भागीदार " .. ..

अब मुझे यकीन हो गया कि जीएसटी फिलहाल फेल हो चुकी है - मोदी के गले की घंटी बन चुकी है - बर्बाद व्यापारी गुस्से में हैं और मोदी को व्यापारी बाहुल्य गुजरात का चुनाव जीतना मुश्किल लगने लगा है .. ..

इसलिए मोदी सोच रहे हैं कि - " हम तो डूबे हैं सनम - तुमको भी ले डूबेंगे " .. ..

और मेरा कहना है कि .. ..

हर व्यक्ति को जो डूब रहा हो उसे हाथ पाँव चला डूबने से बचने का प्रयास करने का पूरा अधिकार है .. पर क्या डूब रहे व्यक्ति का लंगोट से पत्थर बाँध लेना भी क्या उचित कहलाया जा सकता है ?? .. ये तो फिर आत्महत्या करने जैसा हुआ ना ?? .. ..

तो फिर मोदी जी ये डूबते-डूबते कांग्रेस से भागीदारी की बात करना क्या उचित है ?? .. आखिर ये पाँव पर कुल्हाड़ी क्यूँ मारे दे रहे हो ?? .. कभी सोचा भक्तों के दिल पर क्या असर होगा ?? .. ..

अरे मेरे बोलबच्चन बोलना ही था तो बोल देते कि ये सब तो १००% किया धरा ही कांग्रेस का है - और वो तो वित्त का वकील चित्त हो कुछ समझ नहीं पाया .. क्योंकि वैसे भी अंततः अब ठीकरा तो उसी टक्कल पर ही फोड़ना होगा ना .. है ना ?? .. ..

क्यों भक्तों कैसी कही ?? .. हा !! हा !! हा !! .. ..

ब्रह्म प्रकाश दुआ
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Tuesday, 17 October 2017

// अलगाव से बचें !! .. भाजपा से बचें !! .. ..//


ये जो भाजपा है न इसके डीएनए में ही अलगाव है .. यानि अलग करो - टुकड़े करो - लड़ाओ - भिड़ाओ - भड़काओ - फिर चाहे वो संस्थाएं हो या परिवार या अन्य पार्टियां या अन्य संगठन .. और फिर ये भाजपा जहां भी टूटन देखती है सबसे पहले लूटन पहुंच जाती है .. वो भी लार टपकाती चाटती .. ..

विश्वास ना हो तो पहले इनके गिरेबान में झांक लें .. 

अलग गोरखालैंड की मांग करने वाले "गोरखा जनमुक्ति मोर्चा" का गठबंधन भाजपा के साथ ..
अलग नागालैंड की मांग करने वाले "नागा जनमुक्ति मोर्चा" का गठबंधन भाजपा के साथ ..
अलग बोडोलैंड की मांग करने वाले "बोडो जनमुक्ति मोर्चा" का गठबंधन भाजपा के साथ ..
आज़ाद कश्मीर की मांग करने वाली "पीडीपी" का गठबंधन भाजपा के साथ ..
आज़ाद खालिस्तान की मांग करने वाले "अकाली दल" का गठबंधन भाजपा के साथ ..
आपला मानुस की मांग करने वाली "शिवसेना" का गठबंधन भी भाजपा के साथ ..

और वर्तमान देख लीजिये - कांग्रेस आप या अन्य किसी भी पार्टी में कोई अलग होने की सोचे भी तो ये टुट्टे टोटे टूटनहार लपालप पहुंच जाते हैं - और उसे तोड़ ले आते है .. .. ताज़ा उदाहरण भ्रष्टाचार के अच्छे ब्रांड एम्बेसडर रहे सज़ायाफ्ता सुखराम और उनके पुत्तर जो वर्षों से कांग्रेस में रहते खानदानी और वंशवादी परम्पराओं का निर्वहन करते भ्रष्टाचार कर रहे थे - आज टूट कर भाजपा में शामिल हो गए .. ..

और तो और अब तक प्यार मोहब्बत के प्रतीक माने जाने वाले ताजमहल की भी ये अब वाट लगाने पर तुल गए हैं .. और ये तो इतिहास तक बदलने पलटने तोड़ने मरोड़ने पर तुले हैं .. ..

और तो और इन्होनें तो गिरती अर्थव्यवस्था को सुधारने के बजाय बाप बेटे यशवंत सिन्हा और जयंत सिन्हा तक को आपस में भिड़ा दिया .. शर्मनाक !! .. ..

और फिर कैसे हिंदू और मुसलमान भाइयों को ये रोज़ लड़ा भिड़ा कर अलग करने के प्रयास कर रहे हैं - किसी से छुपा नहीं है .. बस फर्क इतना सा है कि भाजपा के इस प्रयास की और अलगाव की और टूटे-टूटे डीएनए की हम भर्त्सना करते हैं - और भक्त भाजपा की इसी कला के कायल हैं .. वे धार्मिक उन्माद के शिकार हो भाजपा के हर तोड़ने के प्रयास और कामयाबी पर तालियां पीटते हैं .. ..

पर शायद वो यही नहीं जानते कि टूटने और तोड़ने में वो मज़ा कहाँ .. जो जुड़ने और जोड़ने में है .. कभी अनुभव किया हो तो ही तो जानें .. ..
बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद - और भाजपाई क्या जाने जुड़ने का एहसास .. ..

 शायद शादी ब्याह ना करना भी इसी प्रवृत्ति का द्योतक है - और परिवार छोड़ गुनाह की दुनिया में खिसक लेना भी .. .. इसलिए आज भक्तों के परिवारों को भी सचेत करना चाहूंगा कि गलत सोहबत का असर भी गलत ही होता है .. ..

इसलिए सावधान !! - कहीं ये टूटने तोड़ने की प्रवृत्ति आपके निजी जीवन में भी ना घुस जाए !! .. .. और कहीं आप के परिवार का भी कोई सदस्य समाज के अन्य लोगों से टूट कर समाज को ही ना तोड़ दे .. ..

अलगाव से बचें .. भाजपा से बचें !! .. ..
एक रहें खुश रहें सुखी रहें संपन्न रहें !! .. धनतेरस की शुभकामनाएं !! .. .. 

ब्रह्म प्रकाश दुआ
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Monday, 16 October 2017

// राहुल रोहिंग्या पर रुख साफ़ करें ?? .. तो भक्त गुजरात चुनाव पर अपना दिमाग ....//


और सोनिया गांधी के हवाले से खबर टपक चुकी है कि - राहुल गांधी शीघ्र ही कांग्रेस अध्यक्ष होंगे .. ..

अब जो भक्त राहुल गांधी को "पप्पू" कहते थे उन्हें याद दिलाना चाहूंगा कि अभी तो वो कांग्रेस के अध्यक्ष बने भी नहीं हैं और भाजपा में कंपन होने लगा है .. ..

और कंपन की तीव्रता का अंदाज़ा तो केवल इस बात से लगाया जा सकता है कि जय शाह के बापू अमित ने सार्वजनिक रूप से कह दिया है कि - "राहुल रोहिंग्या पर रूख साफ़ करें" !! .. ..

यानि भाजपा में अक्ल का वैक्यूम कुछ इतना बढ़ गया लगता है कि रोहिंग्या जैसे मुद्दे पर क्या करना क्या नहीं करना उसे कुछ सूझ नहीं रहा .. और ऊपर से ये सुप्रीम कोर्ट ने भी कुछ ऐसा कह दिया है कि सरकार की खिसियाहट चरम पर होगी .. क्योंकि कोर्ट ने कह दिया कि - "रोहिंग्या का मामला मानवता से जुड़ा" !! .. और भाजपाइयों की ये 'मानवता' या 'सेक्युलर' शब्द सुनते ही इल्ली पिल्ली खिजली सब शुरू हो जाती है .. और यदि उसके साथ में 'मुस्लिम' शब्द भी जुड़ा हो तो फिर तो कांटे कीलें भी चुभने खुपने लगते हैं .. ..

पर हालात इतने बदतर हो जाएंगे कि उन्हें 'शहज़ादे' राहुल का सहारा लेना पड़े - ये तो दयनीय स्थिति है .. और फिर गुरदासपुर में जो हश्र हुआ - उसके बाद तो स्थिति और दयनीय हो चुकी है .. ..

यानि दयनीय इस कदर कि मैंने भक्तु से पूछा कि गुजरात में भाजपा का सफाया हो जाएगा ?? .. बोला सवाल ही नहीं उठता !! .. मैंने पूछा गुरदासपुर जो तुम डेढ़ लाख से जीते थे दो लाख से हारने का सवाल कभी उठा था ?? .. बोले कभी नहीं !! .. और मैंने कहा कि क्योंकि अब भाजपा में "सवाल ही नहीं उठता" इसलिए ही तो सफाया हो जाएगा .. भक्तु बेचारा !! चेहरे से रोहिंग्या जैसा दिखने लगा !! .. वाकई अति दयनीय !! .. ..

और फिर इन सबके ऊपर ये अमित शाह का छोरा जय शाह गुल खिला मुँह फुलाए बैठा है .. सब दूर थू-थू हो रखी है - और आप राहुल को बाबा पप्पू और शहज़ादा जो चाहे बोलो - राहुल तो आपके बारे में जो धारा प्रवाह बोल रहे हैं उसका तो अब आपके पास जवाब ही नहीं है - सिवाय इसके कि आप बोल रहे हो कि - राहुल को प्रॉफिट लॉस टर्नओवर लेटर ऑफ़ क्रेडिट लोन आदि के बारे में भी तो कुछ पता नहीं .. चलो माना नहीं पता होगा - पर अब हमें पता चल गया है कि देश के साथ-साथ राहुल को बहुत कुछ पता चल गया है - और पता ये चल गया है कि अमित शाह और उसके बेटे ने गड़बड़झाला किया है .. और 'जीजाजी' का बदला 'पुत्तर' से लेने का समय आ गया है .. समझे !! .. ..

यानि मोदी-शाह के बुरे दिन शुरू !! .. और जब तक राहुल रोहिंग्या पर अपना रुख साफ़ करें - मैं चाहूंगा कि भक्त गुजरात चुनाव पर अपना दिमाग साफ़ कर लें .. क्योंकि गुजरात में तो झाड़ू भी दस्तक दे रही है .. .. !! जय हिन्द !!

ब्रह्म प्रकाश दुआ
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Friday, 13 October 2017

// हमारी नाकाबिल जांच एजेंसियां दबाव में कुत्तों से बदतर .. और सत्तासीन बेशर्म ..//


अब न्यायलय के ताज़े निर्णयों को मानें तो तलवार दंपत्ति को अपनी ही बिटिया की हत्या में सरकारी प्रशासन द्वारा अपराधी मानकर उन पर केस चलाना उपयुक्त नहीं था - क्योंकि वांछित पुख्ता सबूत ही नहीं थे - यानि सबूतों के अभाव आड़े आ गए .. ..

पर कन्हैया कुमार के मामले में सरकारी आयोजित प्रायोजित उत्साहित जेएनयू प्रशासन के द्वारा लगाए गए आरोप एवं दिए गए मनगढंत सबूत ही बिना सिर-पैर निकले - और न्यायालय ने देशद्रोह के आरोपी कन्हैया को बरी कर दिया .. ..

और इस बीच अमित शाह ने कह दिया - उनके बेटे जय की कम्पनी ने कुछ गलत नहीं किया - यदि उसने गलत किया होता तो सबसे पहले खुद जय ही जांच की मांग करता .. ..

उपरोक्त ३ प्रकरणों से मुझे स्पष्ट होता है कि .. ..

हमारी जांच एजेंसियों पर भरोसा नहीं किया जा सकता - और ये एजेंसियां किसी ना किसी दबाव में काम करती रहीं हैं और इनमें प्रोफेशनल काबलियत की भी कमी है .. .. और इसलिए कई वर्षों की उठापटक के बाद वो जगहंसाई की पात्र बन गई है क्योंकि लोग पूछ रहे है कि फिर आरुषि को मारा किसने ?? .. ..

 मुझे यह भी सपष्ट होता है कि जब हमारी जांच एजेंसियों पर राजनीतिक दबाव आन पड़ता है तो ये तोता तो क्या पालतू कुत्तों से भी बदतर हो जाती हैं - और इतनी गिर जाती हैं कि किसी भी देश के गरीब बेटे पर साज़िशन देशद्रोह के आरोप तक मढ़ देती है - और उस बेटे को कई लोग सार्वजनिक रूप से पीट तक देते हैं और उन पर कोई कार्यवाही तक नहीं होती .. ..

और मुझे ये भी स्पष्ट होता है कि इस देश में भाजपाइयों से ज्यादा बेशर्म नेता और किसी पार्टी में नहीं .. और अमित शाह यकीनन एक अपराधी संभावित लगते हैं - क्योंकि इनके अनुसार तो न्यायालय की आवश्यकता ही नहीं .. क्योंकि इनके लिए तो चोर ही न्यायाधीश तुल्य .. ..

अब यदि भक्तों को बात बुरी लगी हो तो मुझे जवाब दें कि क्या तलवार दंपत्ति ने और कन्हैया कुमार ने चीख-चीख नहीं कह दिया था कि वो निर्दोष हैं .. यदि हाँ तो फिर उन पर मुकद्दमे क्यों ?? .. और यदि उन पर मुकद्दमे चले तो फिर अमित शाह पर अब तक मुकद्दमा चला क्यों नहीं ?? - आखिर साक्ष्य तो यही कह रहे हैं ना कि जय शाह के धंधे में अनाप शनाप बढ़ोतरी हुई और परिस्थितिजनक साक्ष्य ये कह रहे हैं कि इसका कारण अमित शाह का रसूख है - वरना जय तो एक भक्त से भी गया बीता असली पप्पू टाइप प्राणी दिखता है जिसे न कुछ आता ना जाता - बस भारत माता .. तो वो अपने दमखम पर इतना कमा जाए असंभव लगता है .. उतना ही असंभव जितना किसी भक्त का अक्लमंद होना या भाजपाई का १००% ईमानदार होना या संघी का सेक्युलर होना .. .. है ना !! .. ..

ब्रह्म प्रकाश दुआ
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Monday, 9 October 2017

// मोदी जी याद है ना "शहजादे" !! .. अब "शाहजादे" के बारे में क्या ख्याल है ?? ..//


मोदी जी !! .. याद है बहुत रोते रटते थे - "शहजादे" !! "शहजादे" !! "शहजादे" !! ..

अब बताओ तो ये "शाहजादे" के बारे में क्या ख्याल है .. वही "शहजादा" तुम्हें ललकार रहा है तुम्हें धिक्कार रहा है .. कहाँ छिपे हो ?? .. ..

ब्रह्म प्रकाश दुआ
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