Sunday, 23 April 2017

// भाजपा को वोट एमसीडी के १० साल के शानदार प्रदर्शन के लिए ?? .. तौबा !! ....//


ये कैसी एमसीडी ?? .. ये कैसे मेयर ?? ये कैसा भ्रष्टाचार ?? ये कौन खा रहा था ?? ये कौन खाने दे रहा था ?? ये कैसी अव्यवस्थाएं ?? ये कैसा असंतोष ?? ये कैसा रोष ?? ये कैसी बेशर्मी ?? ये कैसे षड्यंत्र ?? ये कैसी पार्टी ?? ये कैसे कर्म ?? ये कैसा प्रदर्शन ?? ये कैसा निष्पादन ?? ये कैसी उपलब्धि ??

मित्रो !! आज दिल्ली के जिस वोटर ने भी इस बारे में अपनी अक्ल खर्च ली वो निश्चित ही भाजपा को वोट नहीं देगा .. और जिस अक्लमंद ने अपनी एक बूँद अक्ल भी अब तक खर्च ना की हो उसके लिए तो बस इतना ही काफी है .. मोदी मोदी मोदी !! .. ..

तो आज एमसीडी के चुनाव हैं - वोटिंग जारी है .. देखें एमसीडी के लिए कितने लोग विफल प्रधानमंत्री मोदी को वोट देते हैं .. है ना दिलचस्प या फिर बेवकूफी या फिर दुर्भाग्यपूर्ण ?? .. ..

या फिर कहीं ऐसा दिवालियापन तो नहीं कि भाजपा को वोट एमसीडी के १० साल के शानदार प्रदर्शन के लिए ?? .. तौबा !! .. ..

मेरे दिमाग की बातें - दिल से .. ब्रह्म प्रकाश दुआ

Saturday, 22 April 2017

// जो आपका वोट लेकर आप को ही गुर्राए .. वो श्वान हो ही नहीं सकता .. ..//


अब मोदी सरकार के कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी मोदी सरकार के बखान में बयान दिया है कि  - मुसलमान बीजेपी को वोट नहीं देते इसके बावजूद सरकार उनका ख्याल रखती है !! .. ..

मेरी प्रतिक्रिया .. ..

जो आपका वोट लेकर आप को ही गुर्राए .. वो श्वान हो ही नहीं सकता .. ..
क्योंकि संस्कारी श्वान टुकड़ा खा कर दुम हिलाता है - गुर्राता नहीं .. ..

वैसे आज की ज्ञानवर्धक बात श्वानों तक ही सीमित .. ..
इंसानों गधों कुत्तों आदि के बारे में फिर कभी .. ठीक है !! .. ..

मेरे दिमाग की बातें - दिल से .. ब्रह्म प्रकाश दुआ

// तो फिर क्यों ना 'विवादित ढांचे' वाले देश को 'विवादित देश' कहा जाए ?? .. ..//


मेरे प्यारे भारतियों !! .. आपने देखा होगा कि जब-तब जहाँ-तहाँ 'बाबरी मस्जिद' का जिक्र आता है तो कई तंगदिमाग लोग घुटना लगा टांग अड़ाते हैं टोकते हैं कि - 'बाबरी मस्जिद' नहीं 'विवादित ढांचा' कहें .. ..

और ना मालुम तब क्यों मुझे ऐसा एहसास होता है कि क्या इस देश को भी जब-तब 'विवादित देश' ही क्यों ना कहा जाए ?? .. क्योंकि इस देश का भी तो सब कुछ 'विवादित' ही है !! .. .. वोटिंग मशीन विवादित - प्रधानमंत्री विवादित - मुख्यमंत्री विवादित - राज्यपाल उप-राज्यपाल विवादित - संविधान विवादित - ऊपरवाला विवादित - धर्म जातियां विवादित - धार्मिक हस्तियां और संस्थान विवादित - कानून विवादित .. ..

और यहां तक कि इस देश में तो एनडी तिवारी जैसे खालिस बाप भी वर्षों तक न्यायालय का ठप्पा ना लगने तक विवादित ही रहे .. ..

और तो और इस देश में तो विवाद के मुद्दे भी विवादित ही रहे हैं - मसलन ताज़ा-ताज़ा विवाद का मुद्दा सैनिकों की दाल में पानी है या सैनिक द्वारा दाल में पानी की शिकायत करना - ये भी तो विवादित हो चला है .. ..

और विवाद का मुद्दा तो यह भी है कि जिस आम आदमी का कोई माननीय मान तक नहीं करता हो - क्या वो हर टुच्चा माननीय हर क्षण उस आम आदमी की मानहानि नहीं कर रहा होता है ?? .. ..

यानि कह सकते हैं कि इस देश का 'ढांचा' ही गड़बड़ाया हुआ है - यानि ये देश ही 'विवादित ढांचे' वाला देश है .. ..

तो आइये बिना भय विद्वेष के 'बाबरी मस्जिद' को बाबरी मस्जिद ही कहें - और इस 'विवादित ढांचे' वाले देश को 'विवादित देश' कहें .. या फिर कोशिश करें कि मिलजुल कर सभी विवादों को और विवाद करने वालों को दरकिनार करें - और अपने प्यारे भारत को एक सशक्त देश बनाने के ईमानदार प्रयास करें .. .. कोई परहेज़ कोई आपत्ति कोई नुकसान कोई विवाद ?? .. ..

किसी नए विवाद की प्रत्याशा में आपके विवादित मित्र की तरफ से अग्रिम माफ़ी .. ..
!! जय हिन्द !!

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Friday, 21 April 2017

//.. लाल बत्ती प्रतिबंधित .. स्वागत धन्यवाद बधाई साहेब !! .. ..//


लाल बत्ती तो हुई प्रतिबंधित पर दिमाग की लाल बत्ती कब बुझेगी साहेब ?? .. आपके तो चेहरे पर ही विशिष्ट दंभी रईस सक्षम होने की लाल बत्ती सदैव प्रज्ज्वलित दिखती है .. आपका तो व्यवहार भी सर चढ़कर लपझप करता सा ही है साहेब !! .. ..

कभी बिन बत्ती बिना लपझप आम आदमी दिखने की एक्टिंग भी कर लिया करें साहेब .. वो क्या है ना कि लाल बत्ती बंद करने की बात भी तो राजनीति में आपसे एक कदम आगे किसी आम आदमी ने ही शुरू की थी .. तो अनुसरण यदि पूरा ही कर लिया जाए तो क्या हर्ज़ है साहेब ?? .. ..

ऐसा इसलिए भी कि वैसे भी वीवीआईपी कल्चर अब इस देश को बहुत दिनों तक सहन नहीं होने वाला .. क्योंकि आम आदमी कि लड़ाई रंग लाने लगी है .. लाल बत्ती प्रतिबंध इसी का तो सबूत है .. ये बात सच है ना साहेब !! .. ..

मेरे दिमाग की बातें - दिल से .. ब्रह्म प्रकाश दुआ

// तो क्या तेजबहादुर हार गया ?? .. तो क्या केजरीवाल भी हरा दिया जाएगा ?? ....//


बीएसएफ के एक जवान तेजबहादुर ने भोजन की शिकायत कर मारी थी .. और शिकायत को पूरे देश का अभूतपूर्व समर्थन मिला - यहाँ तक कि कुछ भक्तों ने भी उसका समर्थन किया .. पर शिकायत करने के कारण अंततः उसको अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा .. यानि गया बेचारा काम से !! .. ..

अब यदि आप इस घटना से तेजबहादुर की जीत-हार का कोई मूल्यांकन करेंगे तो ये बेमानी होगा .. क्योंकि यदि आप मानेंगे कि बेचारा तेजबहादुर जीत गया तो ये आपकी बेवकूफी होगी और यदि आप मानेंगे कि वो हार गया तो ये आपकी नादानी होगी .. ..

पर यदि आप इस घटना से केंद्र की मोदी सरकार का मूल्यांकन करेंगे तो शायद उपयुक्त होगा .. और इसलिए मैनें मूल्यांकन कर लिया है .. ..

केंद्र सरकार तेजबहादुर से हार गई है .. .. और इसी तरह ताकतवर मोदी सरकार बहुत से मोर्चों पर अपने से कम सक्षमों से जीतकर भी जीती नहीं है .. .. क्योंकि जीत तो उसकी धूर्तता मक्कारी बेईमानी बेशर्मी हथकंडे भ्रष्टाचार ताकत और रणनीति की हुई है .. ..

और हाँ !! निर्भीक ईमानदार मरते खपते तो जरूर हैं पर यदि वो हारते हैं तो ये हार उनकी ना होकर उन सबकी हार होती है जिनके लिए वो खप रहे होते हैं .. शायद इसलिए मैं इस निर्णय पर पहुंचा हूँ कि यदि केंद्र सरकार के अलावा कोई हारा भी है तो वो है - बीएसएफ .. सेना .. देश .. .. और जनाब !! असल में जीता तो यकीनन कोई नहीं है .. ..

और इसलिए ही मानता हूँ कि ना तो तेजबहादुर हारा है और ना केजरीवाल हराया जा सकता है .. क्योंकि ये तो किसी और के लिए मरने खपने वाले लोग हैं .. .. है ना !! .. ..

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Thursday, 20 April 2017

// केवल 'तीन तलाक' ख़त्म करना जरूरी या उससे भी बेहतर 'कॉमन सिविल कोड' ....//


मेरा दिमाग कहता है कि यदि भारत में 'कॉमन सिविल कोड' पारित हो जाए तो सैकड़ों अन्य विकराल समस्याओं के साथ ही अभी उछाली जा रही 'तीन तलाक' की एक बड़ी समस्या का निदान भी स्वतः ही हो जाएगा .. .. और बिना मुंडन कराए धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर का ध्वनि प्रदूषण भी शांत हो सकता है .. ..

और 'कॉमन सिविल कोड' पारित करने की बात तो संघ और भाजपा करते ही रहे हैं .. और मोदी जी संघ और भाजपा की ही तो उपज हैं - कोंग्रेसी तो कदापि नहीं .. है ना !! .. ..

तो फिर भक्तों बोलो तो कि केवल 'तीन तलाक' ख़त्म करना जरूरी या उससे भी बेहतर 'कॉमन सिविल कोड' पारित करना ?? .. लगाओ लगाओ अक्ल लगाओ - लगाने से शायद थोड़ी सी बढ़ जाए .. है ना ?? .. ..
और भक्तो यदि तुम्हारी अक्ल बढ़ जाए तो फिर ये सोचना कि ये मोदी सरकार 'कॉमन सिविल कोड' के लिए कुछ भी कर क्यों नहीं रही ? .. आखिर ये राज़ क्या है ? - या फिर ये पोल क्या है ? - या फिर ये वादाखिलाफी क्यों ?? .. या फिर ये ओछी राजनीति क्यों ?? .. ..

और यदि बढ़ी अक्ल चल जाए तो लगे हाथ ये भी सोचना कि 'कॉमन सिविल कोड' और 'काऊ कोड' में ज्यादा प्राथमिकता किसको देनी बनती है ?? .. ..

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Wednesday, 19 April 2017

// और इसलिए मेरा भाजपा से तार्किक विरोध करते रहना मुझे आत्मसंतोष दे रहा है ..//


उच्चतम न्यायालय के निर्णय अनुसार कुछ भाजपाई नेताओं पर बाबरी मस्जिद विध्वंस के लिए आपराधिक षड़यंत्र का मुकदमा चलेगा .. ..

यानि आपराधिक षड्यंत्र हुआ .. यानि बाबरी मस्जिद विध्वंस के लिए षड्यंत्र रचा गया था .. यानि जो कृत्य किया गया वो सही नहीं था .. यानि वो भाजपाई जो उच्चस्थ पदों पर और यहां तक कि संवैधानिक पदों पर बैठा दिए गए थे वो आपराधिक षड़यंत्र रचने के आरोपित हैं - यानि जो हुआ वो दुर्भाग्यपूर्ण था .. यानि बहुत से यानि यानि और यानि !! .. ..

और इसलिए कहता रहा हूँ कि देश में अनेक षड़यंत्र रचे जाते रहे हैं और रचे जा रहे हैं .. इसलिए इस देश को आज सबसे अधिक आवश्यकता षड्यंत्रकारियों को पहचान उन्हें सत्ता से हटाने की है .. अन्यथा ये लोकतांत्रिक देश षड्यंत्रों से विमुक्त हो ही नहीं सकेगा .. ..

और भाजपाई की पहचान तो आज षड्यंत्रकारियों के रूप में स्थापित हो गई है .. इसलिए देशहित में भाजपा का कमज़ोर होना - या फिर कम से कम सत्ता में एकाधिकार से वंचित होना आवश्यक है .. ..

इसलिए समाज में साम्प्रदायिकता का विष घोलने या धर्म की राजनीति वो भी दादागिरी और गुंडागर्दी के साथ करने के लिए मेरा भाजपा से तार्किक विरोध करना और करते रहना मुझे आत्मसंतोष दे रहा है .. .. भक्तों की भक्त जानें और आपकी आप जानें  .. धन्यवाद .. !! जय हिन्द !!

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